हमेशा से ये ख्याल मेरे दिल को सताता रहा है,
कि मैं कैसा इंसान बनना चाहता हूं |
कोई डॉक्टर , कोई इंजिनियर , और कोई कहता है,
मैं किसान बनना चाहता हूं |
कोई कहता है , कोई सीमा नही मेरी ख्वाहिशों कि,
मैं तो भागवान बनना चाहता हूं |
नीचे कुछ lines लिखीं हैं मेरे बारे में ,
कि मैं कैसा इंसान बनना चाहता हूं |
बचपन में चढा था cricket का बुखार कभी ,
सोचता था, मैं इरफान बनना चाहता हूं |
ये तो बात थी किस्मत की और थोड़ा अपना भी ज़ोर न चला ,
वरना हमने भी दिया होता पुरी दुनिया को हिला ।
क्यों करें शिकवा किसी से , कहे की गिला ,
आगे चल कर देखते हैं, मुझे जिंदगी से और क्या क्या मिला |
रुख किया gym की तरफ़ , खूब किया work-out, बनूँगा John Abraham जैसा ,
सोचा , लड़कियां होंगी first sight मे ही knock-out |
Exams आए सर पे , डांट पड़ी घर पे |
घर वाले थे परेशान , कहा बेटा बस फोकट का खाते हो ,
कुछ करो लाइफ मे , क्या रिक्शा वाला बनना चाहते हो ?
तभी मैंने किया फ़ैसला , पढूंगा-लिखूंगा , खूब नाम कमाऊँगा ,
क्यूंकि मैं खानदान की शान बनना चाहता हूं |
हो गया था selection JEE मे , घर वाले भी थे खुश ,
पढ़ -लिख लेगा बेटा हमारा भी , बनेगा George Bush |
रैगिंग मे गाना गवाया seniors ने , दोस्तों ने कहा कितना अच्छा गाते हो ,
इतना अच्छा गला दिया है भागवान ने , गायकी मे क्यों नही हाथ आज़माते हो ?
बस फिर क्या था , खोला गला मैंने, करने लगा रियास , और कह दिया सबसे मैंने ,
सुन लो ऐ दुनिया वालों , मैं singer शान बनना चाहता हूं |
Hostel मे मच गया हाहाकार , लोगों ने कहा बंद करो ये अत्याचार ,
गाना ही गाना है तो ट्रेन या मन्दिर मे जाओ , मिल जायेगी भीख हज़ार ।
बस टूट चुका था मेरा दिल , लिखने लगा मैं शेर ,
लोगों को आया मज़ा , अच्छे - अच्छे शायर हुए मेरे आगे ढेर |
अब तो बस के दिल में सबके , सबके होठों की मुस्कान बनना चाहता हूं,
हाँ दोस्तों ये है मेरा आखिरी फ़ैसला , मैं शायर खान बनना चाहता हूं | :-)
Thursday, April 3, 2008
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